ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) के पूर्व सचिव तकप रिंगू का बुधवार को निधन हो गया। वह 82 साल के थे। वह काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी केन्यिर रंगू (अरुणाचल में भाजपा कोर ग्रुप की सदस्य) और पांच बेटियां हैं। 


उन्होंने बुधवार को नहार्लगुन के तोमो रिबा इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ ऐंड मेडिकल साइंसेस अस्पताल में अपनी आखिरी सांस लीं। यहां बढ़ती उम्र संबंधी बीमारियों के लिए उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन के खबर की पुष्टि परिवार के एक करीबी सूत्र ने की। 

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तकप रिंगू का जन्म 31 मार्च, 1940 को कांगकू सर्कल के अंतर्गत सुदूर नोगोपी गांव (वर्तमान में लोअर सियांग जिले में आने वाले) में हुआ था। उन्होंने तमाम बाधाओं को पार करते हुए 1963 में शिलॉन्ग के सेंट एडमंड्स कॉलेज से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) में ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की और इसके अगले ही साल उन्होंने एपीओ-1 और आईएफएएस के रूप में नौकरशाह के रास्ते अपने सफर की शुरुआत की और इसी वर्ष वह आईएएस भी बने। 

उन्होंने नेफा प्रशासन के तहत सहायक आयुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, उप सचिव और निदेशक (पंचायती राज) जैसे विभिन्न पदों में रहकर राज्य के लोगों की सेवा की। उन्होंने उपायुक्त, वित्त सचिव, निवासी आयुक्त (नई दिल्ली) और विकास आयुक्त के रूप में भी कार्य किया। कुछ समय के लिए उन्होंने मिजोरम सरकार के आयुक्त और अंडमान और निकोबार के मुख्य सचिव के रूप में भी काम किया। 

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अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव (1992-95) के रूप में सेवा करने के बाद श्री तकप को, एनईसी के सचिव पद पर पदोन्नत किया गया, जहां 1996 से 2000 तक काम करने के बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। उनके निधन पर शोक जताते हुए राज्य के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडु ने कहा, 'उनके निधन के साथ दृढ़ संकल्प, समर्पण और सेवा के युग का अंत हो गया। स्वर्गीय तकप पीढिय़ों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। भगवान बुद्ध दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें और आपको और उनके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।'

राज्य के उप मुख्यमंत्री चोवना मेन ने लिखा, 'अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव तकप रिंगू जी के निधन से गहरा दुख हुआ। वह एक निष्ठावान और ईमानदार व्यक्ति थे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार के सदस्यों को इस दुख की घड़ी में शक्ति प्रदान करें।'