किसान आंदोलन के बीच राजस्थान-अरुणाचल प्रदेश के पंचायत चुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज की है। इस जीत के बाद केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, राजस्थान के चुनाव में इस बार हार-जीत का अंतर बहुत ज्यादा रहा। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अपने गृह क्षेत्र के 2 पंचायत समिति पूरी हार गए। पायलट के गृह जिले टोंक में जिला परिषद भाजपा ने जीती है। वहीं, अरुणाचल में भाजपा को भारी सफलता मिली है। 240 जिला पंचायत के चुनावों में 96 सीटें निर्विरोध आई हैं। ग्राम पंचायत में 8,291 सीटों में से 5,410 सीट निर्विरोध आ गई हैं। राजस्थान के जिला परिषद एवं पंचायत समिति चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को भारी समर्थन देने के लिए देवतुल्य जनता का हार्दिक आभार एवं सभी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन। 

जावड़ेकर ने राजस्थान के पंचायत चुनाव नतीजों को बीजेपी के पक्ष में किसानों का फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में बीजेपी को अप्रत्याशित जीत मिली है। गांवों में मुख्यत: किसान ढाई करोड़ वोटर थे, ये उनका फैसला है। जावड़ेकर ने कहा कि जिला परिषद के चुनाव में 636 सीटों पर चुनाव हुआ। जिसमें 353 सीटें भाजपा ने जीती हैं। पंचायत समिति की 4371 सीटों में भाजपा ने 1990 सीटें जीती हैं। जावड़ेकर ने राजस्थान की जीत को बड़ी जीत बताते हुए कहा कि 21 जिला परिषदों में 14 पर बीजेपी को जीत मिली। जबकि कांग्रेस 5 पर जीती। ब्लॉक पंचायत में 222 के चुनाव में से 93 पर बीजेपी को बहुमत मिला है। 

केन्दीय मंत्री जावड़ेकर ने पंचायत चुनाव में जीत को लेकर कहा, ट्रेंड कुछ इस तरह रहा है कि राज्य में जिस पार्टी की सरकार होती है, वहां उसी पार्टी को ज्यादा सफलता मिलती है, लेकिन इस बार राजस्थान में कुछ उल्टा ही दिखने को मिल रहा है। यहां कांग्रेस की गहलोत सरकार है। जबकि मतदाताओं ने इस बार बीजेपी का साथ दिया है। कांग्रेस ने परिसीमन किया, पैसों को दम दिखाया। ढाई करोड़ वोटरों में सब किसान थे। सभी ने भाजपा को चुना। इसका मतलब है कि राजस्थान में करोड़ों की संख्या में किसान कृषि सुधार के पक्ष में है। ये किसान कृषि कानून के पक्ष में है।