सीमा सड़क के महानिदेशक (DGBR) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी (Lt Gen Rajeev Choudhary) ने शनिवार को नई दिल्ली से ऑनलाइन कार्यक्रम में 980 मीटर लंबी सेला सुरंग-1 के लिए अंतिम विस्फोट किया और इसके साथ ही उत्खनन कार्य आखरी बिंदु तक पहुंच गया है। 

रक्षा मंत्रालय के अनुसार सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने यह उपलब्धि खराब मौसम और भारी हिमपात के बीच प्राप्त की है। सेला सुरंग परियोजना (Sela Tunnel Project) अरुणाचल प्रदेश (arunachal pradesh) के पश्चिम कामेंग जिले में स्थित है। इस परियोजना के पूरा हो जाने के बाद यह यह तवांग को हर मौसम में आना जाना सुगम रहेगा इस परियोजना में दो सुरंगें बन रही हैं। 

दूसरी 1555 मीटर लंबी होगी। सुरंग नं 2 में यातायात के लिए एक बाइ-लेन और आपात स्थिति के लिए एक निकास सुरंग बनायी जा रही है। यह 13,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर बनाई गई सबसे लंबी सुरंगों में से एक होगी। इस परियोजना में सुरंग 1 और सुरंग 2 को जोडऩे वाली1.3 किलोमीटर का एक संपर्क मार्ग भी शामिल है। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime minster Narendra modi) ने 2019 में सेला सुरंग परियोजना का शिलान्यास किया था और 15 जनवरी 2021 को पहला विस्फोट किए जाने के बाद सुरंग की खुदाई शुरू की गयी थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 अक्टूबर 2021 को 2 सुरंग2 की खुदाई के लिए विस्फोट किया था जो उसकी खुदाई के काम के पूरा होने का संकेत था।