अरुणाचल प्रदेश में 'सांगकेन' त्यौंहार मनाया जाता है। इस साल यह त्योंहार अब शुरू हुआ है। इस शुभ अवसर पर ताई खामती, सिंगफो और तिखाक समुदायों को राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुभकामनाएं दीं हैं। बहुत जोश और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला संगकेन अरुणाचल प्रदेश का तीन दिवसीय व्यापक रूप से मनाया जाने वाला त्योहार है।

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सांगकेन को "पानी के त्योहार" के रूप में माना जाता है। संगकेन एक बौद्ध त्योहार है जो मानव जाति के कल्याण के लिए समर्पित है, जिसे श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार के दौरान, भगवान बुद्ध की मूर्तियों को नियमित मंदिर से क्योंग फ्रा में लाया जाता है, एक विशेष रूप से निर्मित अस्थायी मंदिर और मूर्तियों और सभी पवित्र वस्तुओं पर साफ पानी छिड़क कर भगवान बुद्ध का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। इस त्यौंहार के दौरान लोग छिड़काव और पानी (सोन-फ्रा) डालने के बाद एक-दूसरे पर पानी डालकर मौज-मस्ती करते हैं।

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इस मौके पर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आने वाले वर्ष के लिए खुशी, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की उम्मीद करते हुए समुदाय को शुभकामनाएं दीं। खांडू ने ट्विटर पर लिखा, "ताई खामती, सिंगफो और तिखाक समुदायों को 'पानी का त्योहार' मनाने के लिए #Sangken की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। पानी की ताजगी आपके सभी दुखों और जीवन से नकारात्मकता को दूर कर दे। इस नए साल पर मैं सभी के लिए सौभाग्य, समृद्धि और खुशियों की कामना करता हूं।"