चीन ने सीमा पर चल रहे तनाव के बीच भूटान और भारत के अरुणाचल प्रदेश से सटे अपने इलाके से तिब्‍बतियों को हटाना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि चीन तवांग के पास स्थित इसे सीमाई इलाकों को सुदृढ़ बनाने की योजना के तहत ऐसा कर रहा है। इसी इलाके से कुछ ही दूरी पर चीन भारत के किसी हवाई हमले से निपटने के लिए सतह से हवा में मार करने वाली म‍िसाइलें तैनात कर रहा है।

चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्‍लोबल टाइम्‍स की रिपोर्ट यह खुलासा हुआ है कि दक्षिण पश्चिम चीन में शन्‍नान काउंटी से ये लोग हटाए जा रहे है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन भारत और भूटान से लगे अपने 96 गावों के लोगों को सीमा से दूर नए घर बनाकर बसा रहा है। चीन ने दावा किया है कि इन नए घरों में ग्रामीणों के लिए बिजली, पानी और इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराई गई है।

भारत-भूटाना सीमा से तिब्‍बती लोगों को हटाने का काम वर्ष 2018 में ही शुरू हो गया था। उस समय ले गांव के 24 घरों के 72 लोगों को नए घरों से शिफ्ट किया गया था। ये नए घर उनके मूल घरों से काफी दूर बनाए गए हैं। इस तरह ये ग्रामीण सैकड़ों साल से जिस इलाके में रह रहे थे, उसे छोड़कर दूर भेजे जा रहे हैं। चीन ने दावा किया है कि इससे तिब्‍बती लोगों की आमदनी बेहतर हो रही है।
चीन ने लक्ष्‍य रखा है कि 30 सितंबर तक सभी 96 गांवों के लोगों के निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए। इसके बाद बचे हुए गांवों के निवासियों को इन नए घरों में शिफ्ट कर दिया जाएगा। अरुणाचल प्रदेश के तवांग को चीन अपना हिस्सा बताता है। उसका कहना है कि यह क्षेत्र दक्षिणी तिब्बत का भाग है। बता दें कि तवांग बौद्ध धर्म के पवित्र स्थलों में से एक है। 1962 के युद्ध में चीनी सेना तवांग तक पहुंच गई थी।
बता दें कि भारतीय सीमा पर चीन अपने वायुसेना के एयर डिफेंस सिस्‍टम को न केवल अपग्रेड कर रहा है, बल्कि विस्तार भी कर रहा है। इसी कड़ी में उसने दो नई एयर डिफेंस पोजिशन तैयार करनी शुरू कर दी हैं जिनके मिसाइल साइट्स होने की आशंका है। चीन डोकलाम के पास सिक्किम से सटे अपने इलाके में अर्ली वॉर्निंग रेडार साइट्स के पास ये मिसाइलें तैनात कर रहा है। भारत और चीन के बीच यहां पहले 2017 में विवाद गहराया था और 2020 में भी तनाव बढ़ा था।