भारत और चीन के बीच कई महीनों से लद्दाख सीमा पर तनातनी पर जवानों की मुस्तैदी से चीन की हर नापाक मंसूबों पर पानी फिर गया है। ऐसे में अब भारत के खिलाफ चीन एक नया मोर्चा खोलने की तैयारी में है। चीन ने अब पूर्वोत्तर में भारत को घेरने की रणनीति बनाई है। इसके तहत अरुणाचल सीमा के करीब चीन ने तीन नए गांव बसाए हैं। लेकिन चीन के इस नापाक चाल का पर्दाफाश हो गया। सैटेलाइट तस्वीरों से ये बात सामने आई है कि अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास बुम ला दर्रे से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर भारत, चीन और भूटान की सीमा के नजदीक ये गांव बसाए गए हैं। इतना ही नहीं, चीन ने इन तीनों गांवों में लोगों को भी बसाया है।

रिपोर्ट के अनुसार, चीन की इस नापाक चाल की पोल सैटेलाइट तस्वीरों से खुली है। प्लैनेट लैब्स की 17 फरवरी, 2020 तस्वीरों के आधार पर ये बताया गया है कि उस समय इस इलाके में केवल एक गांव था, जिसमें 20 के करीब लाल छतों वाले मकान दिखाई दे रहे थे। लेकिन अब 28 नवंबर 2020 की जो दूसरी तस्वीर सामने आई है, उसमें 50 से अधिक मकान के साथ-साथ तीन नए एन्क्लेव भी दिखाई दे रहे हैं। ये तीनों एन्क्लेव एक-दूसरे से एक किलोमीटर की दूरी पर बने हैं। तीनों इन्क्लेव को जोड़ने के लिए सड़क का भी निर्माण किया गया है।

आपको बता दें कि चीन लगातार अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता रहा है। हालांकि हर बार भारत ने चीनी दावे को खारिज करते हुए ये साफ कर दिया है कि अरुणाचल प्रदेश हमारा अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा। लद्दाख से मुंह की खाने के बाद अब चीन ने फिर से पूर्वोत्तर में अपने दावे को मजबूत करने के लिए अरुणाचल बॉर्डर पर कम से कम तीन गांवों को बसाया है। माना जा रहा है कि चीन इस निर्माण के जरिए अरुणाचल प्रदेश सीमा के साथ अपने क्षेत्रीय दावों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अभी हाल ही में चीन ने एक बयान में अरुणाचल प्रदेश को मान्यता देने से इनकार कर दिया था और लगातार अपने दावे को दोहराता रहा है। चीन ने 1962 के युद्ध में अरुणचाल प्रदेश के एक बड़े इलाके पर अवैध कब्जा कर लिया था। आपको बता दें कि चीन अपनी विस्तारवादी नीति के तहत पड़ोसी मुल्कों की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा जमाने के लिए रणनीति के तहत सीमाई इलाकों में ऐसे गांवों को बसाया है। चीन ने भारत के अलावा भूटान, नेपाल और म्यांमार की जमीन पर भी अवैध कब्जा जमाया है। भूटान की जमीन पर चीन ने दो गांव बसाया है। चीन ने ये दोनों गांव भूटान की अमो चू नदी के साथ लगने वाली जमीन पर निर्माण किया है।

इसके अलावा नेपाल की धरती में भी अवैध तरीके से मकान निर्माण को लेकर अभी विवाद हुआ था। हालांकि नेपाल ने ये कहा था कि चीन ने अपने इलाके में ये मकान बनाए हैं। चीन ने म्यांमार की सीमा में भी दावा पेश करते हुए बाड़ लगाया है। इसपर म्यांमार की सेना ने कड़ी आपत्ति जताया था।