भारत और चीन के बीच लंबे वक्त से तनाव चल रहा है। बॉर्डर पर भले ही अभी शांति है, लेकिन भारत अपनी तैयारियों को भविष्य के हिसाब से मजबूत कर रहा है। केंद्र सरकार ने इस बीच एक अहम फैसला लिया है। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों, जिनकी सड़कें आगे जाकर चीन सीमा से मिलती हैं, ऐसी सड़कों को अब दस मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। ताकि आम जरूरतों के साथ-साथ सेना की जरूरतें भी पूरी हो सकें। 

उत्तराखंड में चारधाम सड़क परियोजना के तहत पहले सड़कों को 5.5 मीटर चौड़ा करने का निर्णय लिया गया था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्देश दिया था। हालांकि, अब सरकार की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए इस पूरे प्रस्ताव में संशोधन किया गया है।

अब वो सभी सड़कें, जो राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी हैं और चीन सीमा तक पहुंचने में फीडर का काम करती हैं। उनकी चौड़ाई दस मीटर तक होगी, इसमें कुछ जगह शेडर की भी होगी ताकि दोपहिया वाहनों वालों को सहूलियत मिल सके। 

समाचार एजेंसी के मुताबिक, सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं बल्कि इन राष्ट्रीय राजमार्गों में प्रमुख रूप से जम्मू, कश्मीर, लेह-लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम सहित दूसरे पहाड़ी क्षेत्रों की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं शामिल हैं। 

बता दें कि उत्तराखंड में चारधाम प्रोजेक्ट के तहत सड़कों का चौड़ीकरण हो रहा है, जिसमें प्राकृतिक संपत्ति को नुकसान को लेकर आपत्तियां दर्ज की गई थीं। जिसके कारण सड़कों की चौड़ाई कम हुई, लेकिन रक्षा मंत्रालय की ओर से सेना की जरूरतों का हवाला दिया गया। 

गौरतलब है कि चीन सीमा पर सुरक्षा के लिहाज से सरकार की ओर से तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। सड़कों के चौड़ीकरण से पहले सरकार की ओर से चीन सीमा को जोड़ने वाले पुलों को तेजी से तैयार करवाया गया, जिनका उद्घाटन कुछ वक्त पहले ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया था।