अरुणाचल प्रदेश के जंगल में जमीन के नीचे विशाल किला खोजा गया है। राज्य के पुरातत्व विभाग की टीम ने इस किले की उत्खनन के दौरान इस किले की खोज की है। यह उत्खनन अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे जिले के एक जंगल के अंदर किया गया है। उत्खनन के दौरान 13वीं सदी की एक बस्ती के अवशेष मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक राज्य के अनुसंधान निदेशालय के पुरातत्व विभाग द्वारा उत्खन्न कार्य के दौरान तरासो क्षेत्र के तहत रामघाट के जंगलों में 20 एकड़ से अधिक क्षेत्र में ये अवशेष मिले हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि जमीन के नीचे एक विशाल किले का निर्माण किया गया था जो 226 मीटर लंबा है।

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अधिकारियों के मुताबिक इस किले एक द्वार भी रहा होगा। जंगल के बीच में बना यह किला सामरिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण रहा होगा। विभाग के पुरातत्वविवद पुरा कोजी और सहायक ताडू रिंगकू ने कहा कि पत्थरों पर तीर-कमान और त्रिशूल के निशान हैं। इसके अंदर एक टूटा हुआ शिवलिंग भी मिला है। तरासो क्षेत्र के तहत व्यास कुंड के आसपास पुरातात्विक अन्वेषण का कार्य भी किया गया और पत्थरों की सीढ़ियों के अवशेष मिले हैं। किलेबंदी के निर्माण में पत्थरों के ब्लॉक, पकी हुई ईंटें और स्टोन बॉल्डर का इस्तेमाल किया गया है। इसमें एक गेट था। पत्थर के ब्लॉकों से बना यह गेट आयताकार और गोलार्द्ध के आकार का है। कुछ पत्थर के ब्लॉकों में ऐसे प्रतीक हैं जिसका डिजाइन तीर, धनुष और त्रिशूल के आकार से मिलते-जुलते हैं।

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उत्खनन साइट से एक टूटा हुआ शिवलिंग भी मिला है। पुरातत्वविदों ने रामघाट में व्यास कुंड और उसके आसपास अन्वेषण और उत्खनन का कार्य किया था जहां से पत्थर की सीढ़ी के अवशेष मिले थे। इसके साथ ही पुरातत्वविदों ने बालीजान क्षेत्र के आस पास ईंट के अवशेषों की खोज की है। इन सबसे यही पता चला है कि इस क्षेत्र में विशाल घनी आबादी थी और वह एक मजबूत केंद्रीय सत्ता से नियंत्रित थी। बालीजान में तो प्राचीन काल के अवशेष भी मिले हैं। इसी क्षेत्र से प्रागैतिहासिक काल के बर्तन और शिकार करने वाले हथियारों की भी खोज की है।