चीन की सीमा से लगे अरुणाचल प्रदेश में सेला सुरंग परियोजना के अब जल्द ही पूरा होने के आसार हैं। दरअसल सर्दियों के चलते निर्माण गति धीमी पर गई थी, जिसने अब रफ्तार पकड़ ली है। इस सुरंग के बनने के बाद भारतीय सेना को हथियारों और युद्धक सामान बॉर्डर पर ले जाने में काफी आसानी होगी। बता दें कि 700 करोड़ की इस परियोजना के जून 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। 

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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस क्षेत्र में अप्रैल तक भारी हिमपात हुआ, ऐसे में निर्माण प्रक्रिया ठप्प पड़ गई। 2018 में सरकार द्वारा घोषित सेला सुरंग दुनिया में 13,000 फीट से ऊपर की सबसे लंबी ट्विन-लेन सुरंग होगी। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में परियोजना की नींव रखी।

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इस परियोजना में एक सुरंग 980 मीटर लंबी है। वहीं दूसरी अन्य सुरंग की लंबाई 1555 मीटर है। इसमें सात किमी और 1.3 किमी मापने वाली दो सड़कों का निर्माण भी शामिल है। टनल 2 में यातायात के लिए एक बाइ-लेन ट्यूब और आपात स्थिति के लिए एक एस्केप ट्यूब है। सेला सुरंग बालीपारा-चारदुआर-तवांग सड़क का एक हिस्सा है, जो चीनी सीमा के पास प्रमुख रणनीतिक परियोजनाओं में से एक है। सैन्य मामलों के विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट जनरल शौकिन चौहान (सेवानिवृत्त) ने कहा, एक बार सुरंग तैयार हो जाने के बाद सड़क साल के 12 महीनों के लिए खुली रहेगी। ऐसे में ये जगह आबादी से नहीं कटेगी।