ईटानगर। अगर आप इन गर्मियों में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो अरुणाचल प्रदेश स्थित जीरो वैली बेस्ट प्लेस साबित हो सकता है। इस राज्य के लोअर सुबानसिरी जिले में समुद्रतल से 5500 फुट की ऊंचाई पर स्थित जीरो वैली एक पुराना और शानदार शहर है। यहां हरे-भरे बांस के जंगल, नीले और हरे रंग के देवदार के पेड़ों और पहाड़ों के बीच धान के खेत काफी मन मोहक हैं। यह घाटी जितनी अपने समृद्ध वन्यजीव के लिए मशहूर होने के साथ ही यहां की अपातिनी जनजाति के लिए भी प्रसिद्ध है। ऐसे में यदि आप आप जीरो वैली घूमने का प्लान बनाएं तो इसके साथ ही और भी महशूर जगहों पर जा सकते हैं जो इस प्रकार हैं—

यह भी पढ़ें : अपने 7 महीने के बच्चे के साथ ड्यूटी करती है ये महिला कांस्टेबल

टैली वैली वाइल्डलाइफ सेंचुरी

ज़ीरो वैली से सिर्फ 32 किमी का सफर तय करके आप इस सेंचुरी पहुंच सकते हैं। हरे भरे नजारों से भरपूर, यह सेंचुरी फर्न, बांस, ऑर्किड, सिल्वर फ़िर और रोडोडेंड्रोन जैसे घने जंगलों से घिरा हुआ है जो ट्रैकिंग के लिए बेस्ट है। 

तारिन फिश फार्म

जीरो घाटी बहुत ही ऊंचाई पर स्थित है फिर भी यहां मछली पालन का काम किया जाता है। वैसे जीरो वैली में फूलों की खेती और आर्किड्स के कुछ बहुत ही दुर्लभ जाति की खेती होती है।

यह भी पढ़ें : HSLC exam 2022 : बस चालक की बेटी स्नेहा सैकिया ने किया कमाल, चौथा स्थान हासिल किया

टिपी ऑर्किड रिसर्च सेंटर

यह सेंटर में आकर आप लगभग आर्किड के 1000 प्रजातियों को देख सकते हैं जो वाकई अद्भुत होता है। इस जगह को देखना बिल्कुल मिस न करें। 

जीरो पुतु

आंखों के साथ इस जगह आकर आपका तन और मन भी खुश हो जाएगा। हर तरफ फैली हरियाली में सुकून से बैठने का तो मजा है ही लेकिन यहां के नजारों को कैमरे में कैद करना न भूलें। इस जगह को आर्मी पुतु के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि 1960 में यहां आर्मी केंटोनमेंट बनाया गया था।

पाको घाटी

जीरो वैली के हरे-भरे नजारों के साथ ही अगर हिमालय की बर्फ से ढंकी चोटियां देखनी हैं तो पाको घाटी आएं। संकरी घाटी वाली इस जगह की खूबसूरती को यहां आकर ही महसूस किया जा सकता है।

ताले घाटी

जीरो घाटी से 32 किमी उत्तर-पूर्व की ओर ताले घाटी खासतौर से वाइल्ड लाइफ के लिए मशहूर है। जहां पशु-पक्षियों के साथ ही पेड़-पौधों की भी कई सारी वैराइटी देखने को मिलती है। ट्रैकिंग के शौकिनों के लिए भी ये जगह बहुत ही बेहतरीन है।

जीरो वैली घूमने का सही समय

वैसे तो जीरो वैली का मौसम पूरे साल ही घूमने के लिए परफेक्ट होता है आप यहां का प्लान गर्मियों से लेकर मानसून और सर्दियों में भी बना सकते हैं। लेकिन अक्टूबर से अप्रैल का मौसम सबसे बेस्ट माना जाता है। दिसंबर से जनवरी वैली में बहुत ज्यादा सर्दी होती है। अप्रैल से जून में यहां का तापमान 6 से 20 डिग्री तक रहता है जिसमें आप नॉर्मल कपड़ों में यहां घूमने-फिरने का आनंद ले सकते हैं। मानसून के समय यहां का तापमान 2 से 19 डिग्री के बीच रहता है लेकिन जीरो वैली तक पहुंचने के रास्ते में कई जगहों पर बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है जिस वजह से इस दौरान यात्रा करने से बचना चाहिए। अक्टूबर से मार्च के बीच भी आप इस खूबसूरत जगह को एक्सप्लोर करने की प्लानिंग कर सकते हैं। हल्के-फुल्के ऊनी कपड़ों से काम चल जाएगा।

ऐसे पहुंचे

हवाई यात्रा- 

असम का जोरहाट निकटतम हवाई अड्डा है, जहां से कई घरेलू उड़ानें हैं। वहां से बस या ट्रेन से जीरो घाटी तक पहुंच सकते हैं।

ट्रेन यात्रा- 

जो ट्रेन से यात्रा के इच्छुक हैं वे असम के उत्तर लखीमपुर रेलवे स्टेशन तक पहुंच सकते हैं, जहां से टैक्सी और बसें 4-5 घंटे में जीरो वैली पहुंचा देती हैं।

लेना होगा परमिट

इस यात्रा पर जाने से पहले ध्यान रखने योग्स सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रतिबंधित क्षेत्र होने की वजह से अरुणाचल प्रदेश जाने के लिए घरेलू पर्यटकों को इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है, जबकि विदेशी सैलानियों को प्रोटेक्टेड एरिया पास लेना होता है। यह सब रेजिडेंट कमिश्नर के कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है, जो दिल्ली, कोलकाता, गुवाहाटी में स्थित है।