अरुणाचल प्रदेश के अंकल मूसा के नाम से मशहूर सत्यनारायण मुंदयूर को पुरस्कृत किया जाएगा। आपको बता दें कि अंकल मूसा पिछले कई दशकों से कार्यरत हैं। अंकल मूसा लोकप्रिय जाने-माने शैक्षिक कार्यकर्ता हैं जिनको चेन्नई स्थित सांस्कृतिक संगठन दक्षिणा द्वारा दिये जाने वाले रवुनी मेनन पुरस्कार-2021 के लिया चुना गया है।

आपको बता दें कि इस संगठन के संस्थापक रवुनी मेनन थे। केरल से ताल्लुक रखने वाले श्री मेनन एक मशहूर नृत्य नाटककार थे और उनकी ही स्मृति में यह पुरस्कार दिया जाता है। रवुनी मेनन पुरस्कार निस्वार्थ रूप से लोगों की सेवा करने वाले व्यक्तियों को दिया जाता है।

रवुनी मेनन पुरस्कार विजेता को नकद 50001 रुपये, एक प्रशस्ति पत्र और एक स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया जाता है। अंकल मूसा ने अपना पूरा जीवन अरुणाचल के शैक्षिक मानकों को बढ़ावा देने के लिए समर्पित किया है। उन्होंने 'लोहित यूथ लाइब्रेरी मूवमेंट' की स्थापना की है, जिसके जरिए पूर्वी अरुणाचल में युवाओं के लिए कई पुस्तकालयों का विकास किया गया है।

इसका मकसद शिक्षा का प्रचार करना और युवाओं का रूझान किताबें पढ़ने की तरफ करना है। अंकल मूसा के इस निस्वार्थ सेवा के सम्मान में देश ने साल 2020 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित जा चुका है।

मुंदयूर ने राष्ट्रीय पुरस्कार में नाम शामिल किए जाने पर अरुणाचल प्रदेश में अखिल भारतीय मलयाली संघ (एआईएमए) की इकाई और केरल कला संस्कारिका वेदी (केकेएसवी) को धन्यवाद दिया है और कहा है कि इस पुरस्कार राशि का उपयोग अरुणाचल प्रदेश में शिक्षा प्रचार गतिविधियों पर किया जाएगा।