ईटानगर। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) की परीक्षाएं प्रभावित हुई हैं। सोमवार को एक परीक्षा केंद्र पर 190 छात्रों को परीक्षा देने पहुंचना था लेकिन बहुत भारी भूस्खलन के कारण केवल 3 उम्मीदवार केंद्रों तक पहुंच सके। सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों समेत कुल 91 विश्वविद्यालयों में अंडर ग्रेजुएट दाखिले के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी यूजी) की परीक्षाएं ली जा रही हैं।

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4 अगस्त से परीक्षाओं का दूसरा चरण शुरू हुआ है और इन परीक्षाओं में करीब 7 लाख छात्र शामिल हो रहे हैं। सीयूईटी यूजी परीक्षाओं पर जानकारी देते हुए यूजीसी चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने कहा कि 8 अगस्त को सीयूईटी यूजी के लिए, देश भर के 275 केंद्रों में परीक्षा आयोजित की गई। इसमें 64472 पंजीकृत उम्मीदवार शामिल थे। सभी केंद्रों पर सुबह और शाम दोनों सत्रों में परीक्षा अच्छी रही। हालांकि, ईटानगर के दो केंद्रों (राजीव गांधी विश्वविद्यालय और एनआईटी) में, जहां 36 और 154 उम्मीदवारों को परीक्षा देनी थी, बहुत भारी भूस्खलन के कारण केवल 3 उम्मीदवार केंद्रों तक पहुंच सके। यूजीसी चेयरमैन का कहना है कि जो अभ्यर्थी इन दोनों केंद्रों पर नहीं पहुंच सके, उनकी परीक्षा 24-28 अगस्त 2022 की अवधि में होगी।

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-यूजी) की परीक्षाओं में लगातार आई तकनीकी परेशानी तथा परीक्षा केंद्र आवंटन की समस्याओं से नाराज छात्र आवाज उठा रहे हैं। इन समस्याओं को लेकर प्रदर्शन भी किया जा रहा है। कुछ छात्रों को तो पुलिस ने डिटेन भी किया। वहीं परीक्षाएं आयोजित कर रही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और यूजीसी का दावा है कि शुरूआती दौर में आई टेक्निकल और नॉन टेक्निकल समस्याएं दूर की जा चुकी हैं। इसके साथ ही एनटीए का कहना है कि जेएनयूईटी, डीयूईटी, नेट आदि की परीक्षाएं भी जल्द करवाई जाएंगी।

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यूजीसी नेट के लिए दूसरे चरण की परीक्षा भी 20 से 30 सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी। इन परीक्षाओं में यूजीसी नेट के दिसंबर 2021 और जून 2022 की परीक्षा को मर्ज किया गया है। मर्ज करने के बाद 2022 में परीक्षा का यह चक्र तैयार किया गया है। इसमें 64 विषय शामिल हैं।