अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने आत्म निर्भर कृषि योजना (ANKY) और आत्म निर्भ बगवानी योजना (ANBY) के लिए ऋण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने पर जोर दिया। मुख्य सचिव बैंक अधिकारियों और राज्य के अन्य हितधारकों के साथ ANKY और ANBY पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।


बता दें कि सरकार ने पिछले 5 फरवरी को CM Pema Khandu और कृषि और बागवानी मंत्री Tage Taki की उपस्थिति में राज्य भर के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों और व्यक्तियों को ANKY और ANBY  के तहत 32.11 करोड़ रुपये की ऋण राशि वितरित की थी।
हितग्राहियों की सहूलियत के लिए और ऋण प्रक्रिया में देरी और भ्रम से बचने के लिए, बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले वित्तीय वर्ष से दोनों योजनाओं के लिए पूरी ऋण प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाए। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि सॉफ्टवेयर विकसित करने की जिम्मेदारी लोहित, तवांग और पापुमपारे जिलों के तीन उपायुक्तों को दी गई है।

डीसी को राज्य सरकार के NIC, सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग की एक टीम और कृषि और बागवानी विभागों के अधिकारियों द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी। टीम को अगले 18 मार्च तक कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। कुमार ने सुझाव दिया कि सॉफ्टवेयर सामान्य प्रकृति का होना चाहिए ताकि अन्य विभाग केंद्र और राज्य सरकारों की लाभार्थी-उन्मुख योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए इसका उपयोग कर सकें।


उन्होंने बैठक में उपस्थित उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों में दैनिक आधार पर ANKY और ANBY की स्थिति की समीक्षा करें और प्रमुख योजनाओं को सफल बनाएं। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ANKY और ANBY पर शेष स्वीकृत आवेदनों की मंजूरी अगले 20 फरवरी या 21 फरवरी को लाभार्थियों को संवितरण के लिए तैयार होनी चाहिए।