लोहित मुख्यालय तेजू में विशेष न्यायाधीश की अदालत ने एक नाबालिग से बलात्कार के आरोप में आरोपी कलुंग को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश लोबसंग तेनजिन ने कलुंग को POCSO अधिनियम, 2012 की धारा 376 (2) (f) IPC और धारा 4 (1) के तहत दोषी ठहराया और POCSO अधिनियम 2012 की धारा 42 के अनुसार उसे सजा सुनाई।

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अदालत ने अरुणाचल प्रदेश पीड़ित मुआवजा योजना, 2011 के तहत पीड़ित लड़की को मुआवजे के भुगतान की भी सिफारिश की है। बता दें कि नाबालिग को नेपाल से लाया गया था। वह कलुंग के घर में घरेलू नौकर के रूप में काम करती थी। इसके बाद नाबालिग ने कलुंग पर सालों तक रेप का आरोप लगाया। 

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वहीं मामला दर्ज होने के बाद कुलंग रोइंग से भाग गया और उसने हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत ले ली। वहीं तेजू सत्र अदालत ने नाबालिग की कस्टडी रेप के आरोपी के रिश्तेदार को ही दे दी। इसके बाद गुवाहाटी उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश सुधांशु धूलिया ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया। तेजू की सत्र अदालत ने पहले पीड़िता को एक पिंकी देबनाथ को सौंपने का आदेश दिया था, जिसकी पहचान उसके स्थानीय अभिभावक के रूप में की गई थी, जबकि देबनाथ कलुंग की भाभी हैं।