अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट नगर परिषद (पीएमसी) की आठ में से छह सीटें जीत कर भाजपा ने स्थानीय निकाय का शासन कांग्रेस से छीन लिया है। वहीं ईटानगर में हुए नगर निगम चुनाव (आईएमसी) में पहली बार हिस्सा लेने वाली पार्टी जद (यू) को नौ सीटें मिली हैं।

राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा को 20 सीटों वाले ईटानगर नगर निगम के चुनाव में 10 सीटें मिली हैं। जबकि जदयू को नौ और एनपीपी के हिस्से में एक सीट आई है। भाजपा को बहुमत से एक सीट कम मिली है।

राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि आईएमसी में भाजपा को मिली 10 सीटों में से पांच पर उसके उम्मीदवार निर्विरोध जीते हैं। पीएमसी चुनाव 2013 में सात सीटें जीतने वाली कांग्रेस को इस बार सिर्फ दो सीटें मिली हैं। वहीं आईएमसी में कांग्रेस का खाता नहीं खुल सका।

स्थानीय निकाय चुनाव में जनता दल (यूनाइटेड) का प्रदर्शन काफी मायने रखता है, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश में उसके सात में से छह विधायक एक दिन पहले ही भाजपा का दामन थाम चुके हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जद (यू) ने 2019 में अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में 15 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे और सात सीटों पर उसे जीत मिली थी। भाजपा (41 सीटें) के बाद राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।

वर्ष 2013 में पीएमसी में 12 और आईएमसी में 30 सीटें थीं। लेकिन वार्डों के परिसीमन के बाद दोनों निकायों में सीटें घट गईं। पिछले चुनाव में पीएमसी में कांग्रेस को सात सीटें मिली थीं, भाजपा को दो और निर्दलीय उम्मीदवारों को तीन सीटें मिली थीं।

आईएमसी चुनाव 2013 में कांग्रेस को 21 सीटें मिली थीं। वहीं राकांपा को चार, भाजपा को तीन, पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल और निर्दलीय को एक-एक सीट मिली थी। अरुणाचल प्रदेश में विभिन्न कारणों से स्थानीय निकाय चुनाव दो साल से भी ज्यादा देरी से हो रहे हैं।

आयोग के अधिकारी ने बताया कि राज्य में जिला परिषद की 142 सीटों और ग्राम पंचायतों की 1,670 सीटों के लिए भी वोटों की गिनती जारी है। राज्य में 22 दिसंबर को हुए मतदान में 73 प्रतिशत वोट पड़े थे। चुनाव आयोग के अनुसार, जिला परिषद की कुल 240 में से 96 सीटों और ग्राम पंचायत की 8,291 सीटों में से 5,410 पर भाजपा निर्विरोध जीती है।