कानून मंत्री किरण रिजजू ने शनिवार को कहा कि न्यायपालिका के ढांचे को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य स्तर पर न्यायिक आधारभूत संरचना विकास प्राधिकरण के गठन पर सभी मुख्यमंत्रियों ने सहमति व्यक्त की है। रिजीजू ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के 11वें संयुक्त सम्मेलन के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। 

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उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय न्यायिक आधारभूत संरचना विकास प्राधिकरण बनाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्रियों के विचार बंटे हुए हैं। विधि एवं न्याय मंत्री ने बताया कि शुक्रवार को उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के 39वें सम्मेलन में राष्ट्रीय न्यायिक आधारभूत संरचना विकास प्राधिकरण के साथ-साथ राज्य न्यायिक आधारभूत संरचना विकास प्राधिकरण के गठन संबंधी एक प्रस्ताव पारित किया था। इस पर आज के संयुक्त सम्मेलन में चर्चा की गई थी। 

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उन्होंने कहा, मैं खुश हूं कि राज्यों के मुख्यमंत्री और उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इस बात पर सहमत हुए हैं कि राज्य स्तर पर एक प्राधिकरण बनाया जाए। भारतीय मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना ने राष्ट्रीय न्यायिक आधारभूत संरचना विकास प्राधिकरण और राज्य स्तर पर इसी की तर्ज पर एक निकाय के गठन पर जोर दिया था। संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना ने कहा कि मुख्यमंत्रियों ने हिंसक हमलों और विस्फोटों के मद्देनजर देशभर में जिला अदालतों में दो स्तरीय सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया है।