भारतीय सेना के लिए अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) से बुरी खबर आई है। दरअसल यहां कामेंट सेक्टर के ऊंचाई वाले इलाके में हुए हिमस्खलन (Avalanche In Arunachal Pradesh) के चपेट में आने से भारतीय सेना के 7 जवान शहीद होने की खबर है। फिलहाल जवानों की तलाशने के लिए तलाशी एवं बचाव अभियान जारी है। 

बता दें कि सेना के जवान एक गश्ती दल का हिस्सा थे और रविवार को हुए हिमस्खलन (Avalanche) की चपेट में आ गए। एक सूत्र ने कहा, अभी खोज और बचाव अभियान जारी है। बचाव अभियान में मदद के लिए विशेष टीमों को एयरलिफ्ट किया गया है।  पिछले कुछ दिनों से भारी बर्फबारी के साथ क्षेत्र में खराब मौसम देखा जा रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी के बाद जब गर्मी में बर्फ पिघलती है तो चट्टानों और मिट्टी को मुलायम बना देती है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ढलानों पर गुरुत्वाकर्षण बल अधिक होने की वजह से चट्टानें और मिट्टी नीचे खिसकने लगती हैं। यही हिमभूस्खलन (avalanche) का कारण बनतीं हैं। 

आंकड़ों पर नजर डालें तो देश में कुल जमीन में से 12 फीसदी जमीन ऐसी है जो भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील है। भूस्खलन (landslide) के लिहाज से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के अलावा देश के पश्चिमी घाट में नीलगिरि की पहाडय़िां, कोंकण क्षेत्र में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और गोवा, आंध्र प्रदेश का पूर्वी क्षेत्र, पूर्वी हिमालय क्षेत्रों में दार्जिलिंग, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड के कई इलाके भूस्खलन के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं।