चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने कहा है कि उनके पास पांच गुमशुदा भारतीयों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। प्रवक्‍ता ने बताया कि इन पांचों की रिहाई को लेकर भारतीय सेना ने चीन की सेना (पीएलए) को संदेश भेजा था। ये पांचों 3 सितंबर से लापता हैं। इस बीच, अभी तक इन लापता भारतीयों के परिवारों ने गुमशुदगी को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। 

चीन के ग्‍लोबल टाइम्‍स ने चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता के हवाले से एक ट्वीट किया, 'चीन ने 'अरुणाचल प्रदेश' को कभी मान्‍यता नहीं दी। यह चीन के दक्षिणी तिब्‍बत इलाके का हिस्‍सा है। इस क्षेत्र में लापता हुए पांच भारतीयों को लेकर पीएलए को भेजे भारतीय सेना के संदेश के बारे में हमारे पास अभी तक कोई जानकारी नहीं है।' 

अरुणाचल पुलिस भी इन पांचों लोगों को अबतक खोज नहीं पाई है, इनके बारे में कहा जा रहा है कि इन्‍हें सेरा-7 इलाके से चीन की सेना ने अगवा किया है। अपर सुबनसिरी जिले के एसपी ने हमारे सहयोगी इकॉनमिक टाइम्‍स को बताया, 'इन लोगों के बारे में जानकारी जुटा रहे दल ने क्षेत्र के ग्रामीणों से बातचीत की है। लेकिन अभी तक इनके परिवारवालों ने कोई औपचारिक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। तेजपुर स्थित रक्षा प्रवक्‍ता लेफ्टिनेंट कर्नल हर्षवर्धन पांडेय ने कहा, 'अभी तक हमें चीन की ओर से हॉट लाइन मेसेज का कोई जवाब नहीं मिला है।' 

लापता हुए इन पांच लोगों के साथ दो और लोग थे जो भाग निकलने में कामयाब हो गए। अगवा हुए इन पांचों लोगों की पहचान हो गई है। इनके नाम हैं- टोच सिंगकम, प्रसात रिंगलिंग, डोंगटू इबिया, तानु बाकेर और नागरु दिरी। ये सीभी तागिन समुदाय के हैं। ऑल अरुणचल प्रदेश स्‍टूडेंट्स यूनियन (एएपीएसयू) ने केंद्र और राज्‍य सरकार से पांचों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया है।